Tuesday, February 23, 2010

जोगी मैं तो लुट गयी तेरे प्यार में

जोगी मैं तो लुट गयी तेरे प्यार में
हाय तुझे इसकी  खबर कब होगी

बागे दे विच सपणी जे सुइए
ते कारदी ए मेनू मेनू
बच के  निकलीं  मेरेया माहिया
कि न लड़ जावे तैनू
लुट्टी हीर वे यरां दी
हाल वे रब्बा मारी तेरियां गमां दी.

चलो सहियो चल वेखण   चलिए
रांझे दा चौबारा
हीर विचारी इट्टा  ढोवे
ते राँझा ढोवे गारा
लुट्टी हीर वे यरां दी
हाल वे रब्बा मारी तेरियां गमां दी.

चलो सहियो चल वेखण चलिए
रांझे पाई हट्टी
हीर निमाणी कम करेंदी
हाय न होवे खट्टी
लुट्टी हीर वे यरां दी

हाल वे रब्बा मारी तेरियां गमां दी.

Saturday, February 20, 2010

डिग पई नी गौरी शीश महल तों,

डिग पई नी गौरी शीश महल तों,
पा देवो नी मेरे माहिये वल चिठियाँ,
पहुंच गई नी चिट्ठी विच कैचहरी,
पढ़ लई नी माहिये पटां उत्ते धर के,
मंग लई नी माहिये छुट्टी दफ्तर तों,
कस लईयां नी माहिये बूट जराबां,
पहुंच गया  नी माहिया कोल गौरी दे,
दस खां नी गौरिये हाल दिलां दे,
सुण माहिया वे हुन्दी पीड कलेजे, 
छोड़ क्यों  गयों माहिये विच अगां दे,

लै जा वे माहिये नाळ शहरां नूं,
हाँ हाँ गौरिये चल नाल तु मेरे
जित्थे रवां मैं  उत्थे तेनु वी लै जावांगा.


Tuesday, February 9, 2010

पंजाबी लोकगीत: जग्गा जमया ते मिलन वधाईयां

जग्गा जमया ते मिलन वधाईयां,
के वड्डा हो के डाके डालदा,
जगया!
के तुर परदेस गयों वे
बुआ वजया!

-जदों, जमया ते मिलन वधाईयां,
के सारे पिंड गुड वण्डया,
जगया!
के तुर परदेस गयों वे बुआ वजया!

-जे मैं जाणदी जग्गे मर जाणा,  
मैं इक थाईं  दो जणदी, 
जगया!
टुट्टी होई माँ दे कलेजे
छुरा वजया!

-जग्गे मारया लैलपुर डाका,
तारां खड़क गईयाँ आपे,
तारीख पुग्तनगे तेरे मापे,

-जग्गे जिन्दे नू सूली उत्ते टंगया,
 ते भैण दा सुहाग चुमके,
मखाना!
के क्यों तुर चले गयों
बेडा चखना,

जग्गा मारया बोड दी छां ते,  
नौ मण रेत भिज गयी, सूरना!
हाय माँ दा मार दित्तइ  पुत्त सूरमा,

जग्गा जट्ट दा, जांघिया पट्ट दा
के किल्ले उत्ते टंगया रह गया-सूरना!  
नईयां ने वड छडया जग्गा सूरमा!


कच्चे पुल्ले ते लड़ाईयां होइयां,
के छाबियाँ दे घुण्ड मुड़ गये,
जगया, के तुर परदेस गयों वे बुआ वजया,

-चली दुक्खां दी अन्हेरी ऐसी,  
दीवे वाली लाट बुझ गयी,
चानना!
वे तेरे बिना मान कित्थे?
नहिंयों जानना?

- वे तू दुक्ख पुत्तरां दा वेखें,   
वे टूटे तेरा मान हाकमा,
ढोल वे!
के गंगाजल विच क्यों दित्तइ
जहर घोल वे,

-सानू शगणा दा कर दे लीरा,  
के छड़ेयां दा पुन्न तोड़  दे, 
हाल नी!
के होणी खेड गयी चाल,
नेरे नाळ नी,

-बारी खोल के यारी दी लाज रख लै,
 लाज रख लै, मित्तरो! तेरे चन दी,
नारे नी
देख तेनु सज्जन बुए ते वाजाँ मारे नी,

-लम्ब होकयां दे बल पये  औंदे ,  
के खदरान नू अग्ग लग गई,  हाय नी!
के भौर उड़ गये ते फुल  कुम्ल्हाने नी.

Sunday, February 7, 2010

गुजरती लोकगीत: गुजरती लोकगीत

वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
कन्ने घूमरियो घुम तो गायरे,

रासे रमे, रासे रमे,
गोप गोपियों नी संग,
जामयो वृन्दावन ने मार गड़े रंग,

वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
कन्ने घुमरिया घूम तो गायरे.

घेरी घेरी, घेरी घेरी,
एनी वागे मुरलियो,
गौरी गौरी राधा ने,
सुंदर श्यामडियो,

वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
कन्ने घुमरिया घूम तो गायरे.

पंजाबी गीत: "लायी वी न गयी ते निभाई वी न गयी",

लायी वी न गयी ते निभाई वी न गयी,
मेरे माण दा जहां जग सारा,
तेरी मेरी यों टुट गयी, सोणिए!
जिन्वे टुटया अम्बरों तारा.
लायी वी न गयी ते निभाई वी न गयी,

सोच्च्या नहीं सी, मेरा प्यार भुल जायेंगी,
एन्ने कीते कीते होए, करार भुल जाएँगी,
करार भूल जाएँगी,
दिल मिल के बिछड़ गया यारा,
तेरी मेरी यों टुट गयी, सोणिए!
जिन्वे टुटया अम्बरों तारा.
लायी वी न गयी ते निभाई वी न गयी,

सच्चा न बुरा था, मुहं मोड़ जाण वालिये
दिल लै के मेरा, दिल तोड़ जाण वालिये
हाय दिल टुटया न जुड़े दुबारा
तेरी मेरी यों टुट गयी, सोणिए!
जिन्वे टुटया अम्बरों तारा-
लायी वि न गयी ते निभाई वि न गयी,

मेरे माणदा जहां जग सारा,
तेरी मेरी यों टुट गयी, सोणिए!
जिन्वे टुटया अम्बर तों तारा.

Saturday, February 6, 2010

पंजाबी गीत: संतर्या वे रस देया भरया,

 संतर्या वे रस देया भरया,
माही गंगा दे राह विच लड्या,
के एत्थों दिल सड़या,
वन्जारेया, वारी मेरी जाण,
 लगें पियारेया,

संतरा ते फुट्टियां फुट्टियां,
माही दफ्तरों मंगियाँ छुट्टियाँ,
के  छुट्टी नहियों मिलदी,
व्न्जारेया, वारी मेरी जाण,
लगें पियारेया,

संतरा ते रस पयी चोवे,
माही भरी कचेहरी रोवे,
के छुट्टी नहियों मिलदी,
वनजारेया, वारी मेरी जाण,
लगें पियारेया,


तेरे भाइयां ने वंड लए भांडे,
न जावीं बिशार्मा लेणे,
के इको भांडा आउगा,
वनजारेया, वारी मेरी जाण,
लगें पियारेया,.

सानु इको भांडा बथेरा,
थाल मेरा ते कौल तेरा,
ते काके दी गिलासी आ,
वनजारेया, वारी मेरी जाण,
लगें पियारेया.

तेरे भाइयां ने वण्ड लए मकान,
न जावीं बिशार्मा लेणे,
के इको मकान आउगा,
वनजारेया, वारी मेरी जाण
लगें पियारेया.

सानु इको मकान बथेरा, 
कमरा तेरा ते हाल मेरा
ते काके दी कोठी आ,
 वनजारेया, वारी मेरी जाण.
 लगें पियारेया.

तेरे भाइयां ने वण्ड लए गहने
न जावीं बिशरमा लेणे
के इको गहना आउगा,
 वनजारेया, वारी मेरी जाण.
 लगें पियारेया.

सानु इको गहना बथेरा
छाप मेरी ते हार तेरा,
ते काके दी जंजीरी आ
वन्जारेया वारी मेरी जान
लगें पियारेया.

पंजाबी गीत: जा वे ढोलना मैं नहिंयों बोलना

जा वे ढोलना मैं नहिंयों   बोलना,
तेरी साड्डी बस वे,
राती कित्थे  गया सें,
 राती कित्थे गया सें वे,
वे राती कित्थे गया सें


  जद  मैं पुछिया सस्स कोलो,
 तेरा पुत्त कदों  घर औ, 
कहन्दी तेरी कलमुन्ही,
जद तू  घर छड  के जाऊ,
हाय मरे   ऐहो   जेह़ी सस्स वे,
राती कित्थे गया सें,
वे राती कित्थे गया सें,


जद मैं कया सोहरे  नू   तेरा पूत बड़ा आवारा, 
 कहंदा मेरा पुत्त तां   हीरा,
 तू  शदाइ ,  झल्ली,
 घर विच मच गाए, घंड मार,
वे  राती कित्थे गया सें, 
वे राती कित्थे गया सें,



जद मैं कह देवर नु,
 तेरा वीर क्यों नई आया,
 कहंदा भाभी रुल  दिता तू,
मेरी माँ   दा जाया, 
हाय कित्थे गयी  मैं फस वे, 
राती कित्थे गया सें, 
वे राती कित्थे गया सें,


जद मैं पूछिय दिल कोलो,
तेरा कित्थे गया राह कोटी,  
कहंदा कित्थे जायेगा  ओह,
तेरे जेह़ी छड़  के वोहटी, 
एह सुन   के पये मैं हास पई,
वे  राती कित्थे गया सें, 
वे राती कित्थे गया सें.